Wednesday, 15 January 2014

   कॉमरेड का  असर
वो ऐसा गरीब ढूढ़ते है
जो लड़ सकें
और लडने के सिवा न कुछ कर सकें
वो लड़ाते रहें और ये लडते रहें
"तुम्हारे भूख की वजह भरे पेटों की शरारत है "
 यही  समझाते हुए
एक ऎसी दुनिया  गढ़ते हैं
जहाँ संघर्ष के सिवा कुछ नहीं है
कमजोर टूटी पसलियों पर
सिद्धांतों के कफ़न का मरहम लगाते हुए
ये  इंकलाब के नारे बड़े बेचारे बेचारे लगते है
हरे पत्तों को तोड़ कर सुखा दो
और उसमें आग लगा दो
समझ लो सत्ता जहर है
भूखे पेटों के लिए
उसे बंदूक से उड़ा दो
हम नयी सत्ता रेशमी फंदों वाली लायेंगे
जिसमे पकवानों के इस्तेहार होंगे
तुम्हारे मुँह में टपकते लार होंगे
भूख तो महसूस होगी
किन्तु सताएगी नहीं
क्योंकि जहर का डर होगा
यही कॉमरेड का असर होगा
    अनिल कुमार शर्मा  

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