यह जो आग है
जलती भी है
और जलाती भी है
मुट्ठी भर भभूत लिए
जो इस आग का इतिहास बताते है
वे अधजले लोग है
चूल्हे की आग
और जंगल की आग
एक होते हुए भी एक नहीं होती है
कभी कभी तो आग पेट में भी लगती है
और उससे बड़ी आग दिमाग में होती है
अग्निसुक्त के मधुच्छन्दा वैश्वामित्र से पूछो
वह कौन सी आग थी जिसे ऋचाओ में आबद्ध कर
यज्ञ में आहुति बनाकर
देवता अग्नि की प्रशंसा में गाया गया
सभ्यता की प्रथम खोज वेद के प्रथम देवता
ये बता कितना जलते हो ,कितना जलाते हो?
तुम्हारे तेज में भी कुछ धुवाँ धुवाँ सा है
जो जलने से शेष रह जाता है
विनाश के बाद भी कुछ अवशेष रह जाता है
यह कौन सा चीज है
लगता है सृष्टि का कोई बीज है
अनिल कुमार शर्मा
06/06/2016
जलती भी है
और जलाती भी है
मुट्ठी भर भभूत लिए
जो इस आग का इतिहास बताते है
वे अधजले लोग है
चूल्हे की आग
और जंगल की आग
एक होते हुए भी एक नहीं होती है
कभी कभी तो आग पेट में भी लगती है
और उससे बड़ी आग दिमाग में होती है
अग्निसुक्त के मधुच्छन्दा वैश्वामित्र से पूछो
वह कौन सी आग थी जिसे ऋचाओ में आबद्ध कर
यज्ञ में आहुति बनाकर
देवता अग्नि की प्रशंसा में गाया गया
सभ्यता की प्रथम खोज वेद के प्रथम देवता
ये बता कितना जलते हो ,कितना जलाते हो?
तुम्हारे तेज में भी कुछ धुवाँ धुवाँ सा है
जो जलने से शेष रह जाता है
विनाश के बाद भी कुछ अवशेष रह जाता है
यह कौन सा चीज है
लगता है सृष्टि का कोई बीज है
अनिल कुमार शर्मा
06/06/2016
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