यह शहर है चोरों का
घूसखोरों का लतखोरों का
जहाँ गंगा में गन्दी नाली बहती है
मंदिर के पीछे वेश्याएँ रहती है
जहाँ लड़की में मादा है
लड़को में नर आमादा है
यह देश काल का वादा है
नव युग का दादा है
पुलिस जहाँ की डरती है
गुंडे की ताकत बढ़ती है
नेता वैभव कीना है
अफसर बड़ा कमीना है
फिर भी जनता को जीना है
इसी जहर को पीना है
सड़को में खाई है
चेहरों पर झांई है
गाड़ी शीशे वाली है
गलियों में नाली है
हवेली खड़ी चमकती है
बदबू चहु ओर महकती है
कुछ कुत्ते है कुछ सूवर है
कुछ घूरे है कुछ घर है
कचरा और कबाड़ी है
कुछ गड्ढे है कुछ झाड़ी है
जगह जगह सड़ता पानी है
ये शहर बड़ा खानदानी है
बिजली के खम्भे टूटे है
पेड़ जहाँ पर ठूँठे है
नक़्शे में हरियाली है
उकठे पेड़ों की डाली है
संस्कार जहाँ का खाली है
यह नगरी बड़ी निराली है
अनिल कुमार शर्मा
१६/०६/२०१४
घूसखोरों का लतखोरों का
जहाँ गंगा में गन्दी नाली बहती है
मंदिर के पीछे वेश्याएँ रहती है
जहाँ लड़की में मादा है
लड़को में नर आमादा है
यह देश काल का वादा है
नव युग का दादा है
पुलिस जहाँ की डरती है
गुंडे की ताकत बढ़ती है
नेता वैभव कीना है
अफसर बड़ा कमीना है
फिर भी जनता को जीना है
इसी जहर को पीना है
सड़को में खाई है
चेहरों पर झांई है
गाड़ी शीशे वाली है
गलियों में नाली है
हवेली खड़ी चमकती है
बदबू चहु ओर महकती है
कुछ कुत्ते है कुछ सूवर है
कुछ घूरे है कुछ घर है
कचरा और कबाड़ी है
कुछ गड्ढे है कुछ झाड़ी है
जगह जगह सड़ता पानी है
ये शहर बड़ा खानदानी है
बिजली के खम्भे टूटे है
पेड़ जहाँ पर ठूँठे है
नक़्शे में हरियाली है
उकठे पेड़ों की डाली है
संस्कार जहाँ का खाली है
यह नगरी बड़ी निराली है
अनिल कुमार शर्मा
१६/०६/२०१४
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