अच्छे दिन !
आप की नज़र किधर है
मोदी की सरकार इधर है
हम तो कल भीड़ थे
आज भी भीड़ हैं
एक अजीब सी चिढ़ है
सत्ता के भीतर
और सत्ता के बाहर
अलग -अलग नीड़ है
नादान पक्षी
तुम्हारी यही तक़दीर है
दाने के ऊपर जाल है
दोस्त क्या हाल चाल है
हम तो पिचक गए
उसका फूला गाल है
अच्छे दिन !
क्यों इतना बुरा हाल है
अनिल कुमार शर्मा
आप की नज़र किधर है
मोदी की सरकार इधर है
हम तो कल भीड़ थे
आज भी भीड़ हैं
एक अजीब सी चिढ़ है
सत्ता के भीतर
और सत्ता के बाहर
अलग -अलग नीड़ है
नादान पक्षी
तुम्हारी यही तक़दीर है
दाने के ऊपर जाल है
दोस्त क्या हाल चाल है
हम तो पिचक गए
उसका फूला गाल है
अच्छे दिन !
क्यों इतना बुरा हाल है
अनिल कुमार शर्मा
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