Wednesday, 18 December 2013

कहीं से एक फूल चुरा लाया
उनके गुलदस्ते में लगा आया
किस्मत उन जुल्फों की कहो
फूल उनकी गजरा में समा आया
पतझङ में सारी  उम्र गुजर गयी
कफ़न के ऊपर बहार आया

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