भूखे लोग सो गए नींद में
जिन्हे अपच हो गयी थी खाकर
बार -बार शौच में जा रहे थे
भोजन से ज्यादा दवा खा रहे थे
लगता था औकात में आ रहे थे
क्योंकि भूखे आदमी का चेला
राजधानी के पेटुओं के गोदाम में
झाड़ू लेकर घुस गया
दही के ऊपर जमे हुए मलाई का
एक तह टूट गया
गरीबों की फसल चर कर
अमीरों के टॉयलेट में जाने वालों का
भण्डा फुट गया
एक आम आदमी
उनकी नींद लूट गया
किन्तु आम आदमी
उनकी नींद की गोली मत खाना
रास्ते पर खुली आँख से जाना
कालिख के चकाचौंध अँधेरे में
गुमराह मत हो जाना
क्योंकि जनता जाग कर सोती है
देश की किस्मत पर रोती है
यही गम है
यहाँ उम्मीदें कम है
भूख से ज्यादा भूखे है
अंदाज उनके रूखे है
बगीचे के पेंड़ अभी सूखे है
जोते खेत में पड़े बीज की तरह
अंकुरण में अभी हरे हो
कौओं के कांव -कांव में
लगते अभी सुनहरे हो
तूफानों के किनारे खड़े हो
औकात में अभी घड़े हो
जिन्हे अपच हो गयी थी खाकर
बार -बार शौच में जा रहे थे
भोजन से ज्यादा दवा खा रहे थे
लगता था औकात में आ रहे थे
क्योंकि भूखे आदमी का चेला
राजधानी के पेटुओं के गोदाम में
झाड़ू लेकर घुस गया
दही के ऊपर जमे हुए मलाई का
एक तह टूट गया
गरीबों की फसल चर कर
अमीरों के टॉयलेट में जाने वालों का
भण्डा फुट गया
एक आम आदमी
उनकी नींद लूट गया
किन्तु आम आदमी
उनकी नींद की गोली मत खाना
रास्ते पर खुली आँख से जाना
कालिख के चकाचौंध अँधेरे में
गुमराह मत हो जाना
क्योंकि जनता जाग कर सोती है
देश की किस्मत पर रोती है
यही गम है
यहाँ उम्मीदें कम है
भूख से ज्यादा भूखे है
अंदाज उनके रूखे है
बगीचे के पेंड़ अभी सूखे है
जोते खेत में पड़े बीज की तरह
अंकुरण में अभी हरे हो
कौओं के कांव -कांव में
लगते अभी सुनहरे हो
तूफानों के किनारे खड़े हो
औकात में अभी घड़े हो
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