हे शिव आपने
अपनी नगरी में आये
याचक भस्मासुर को
पुनः वही वरदान दे दिया
सत्ता मोहिनी के प्रेम में
वह प्रफुल्लित नाच रहा है
जगह जगह वही वरदान बाच रहा है
हे शिव आप तो अवढरदानी है
स्वयं ही आग है पानी है
जगत की रवानी है
मोहिनी के नृत्य का
कब पूरा रस्म होगा
यह भस्मासुर
कब भस्म होगा ।
अनिल कुमार शर्मा
शुभ शिवरात्रि
17/02/2015
अपनी नगरी में आये
याचक भस्मासुर को
पुनः वही वरदान दे दिया
सत्ता मोहिनी के प्रेम में
वह प्रफुल्लित नाच रहा है
जगह जगह वही वरदान बाच रहा है
हे शिव आप तो अवढरदानी है
स्वयं ही आग है पानी है
जगत की रवानी है
मोहिनी के नृत्य का
कब पूरा रस्म होगा
यह भस्मासुर
कब भस्म होगा ।
अनिल कुमार शर्मा
शुभ शिवरात्रि
17/02/2015
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