Friday, 14 February 2014

एक दिन लेढ़ा गुरु ने बड़े दार्शनिक अंदाज में बताया
जनता द्वारा जनता के लिए जनता की सरकार में
पार्टियों की अहम् भूमिका होती है
जो चुनाव में जनता की चरण धोती हैं
पार्टी का वोट बैंक होता है
और नेता का स्विस बैंक होता है
प्रकट आरोपों -प्रत्यारोपों के बाद
एक गुप्त मतदान होता है
तत्पश्चात संख्या -पद्धति और
गुणा -गणित का आदान -प्रदान होता है
सरकार बनती है
गुप्त तरीके से बहुत कुछ करती है
प्रकट होने पर भ्रष्टाचार है घोटाला है
सफ़ेद हाथी पर लदा धन काला है
'प्राणायाम ' बेचनेवाला भी
इस पर डाका डाला है
जनता सभी को सुनती है
मन में कुछ गुनती है
जो मिलता है
उसी में से चुनती है
पार्टिओं के पास मोहनी -मंत्र है
अनोखा अपना लोकतंत्र है
अनिल  कुमार शर्मा 

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