माहौल में सनसनी है
हवा चुप है
संदेह के कटघरे खड़े है
सवाल के ऊपर सवाल
प्रश्नचिन्ह भरे रास्ते
जहाँ हर जबाब टूटता है
आदमी आदमी को लूटता है
किसी का खून कोई चूसता है
फिर भी आदमी को आदमी से उम्मीद है
विश्वास के दायरे संदिग्ध है
आम आदमी के हाथ का कीचड़
खास आदमी के मुँह पर पर छीटता है
एक उम्मीद उलीचता है
दृस्टि दिशाहीन है
चेहरे बहुत रंगीन है
मामले भी संगीन हैं
पश्चिम पर अंगुली उठाते
वह पूरब खड़ा था
आज पूरब पर अंगुली उठाते
वह पश्चिम खड़ा है
यह बहुरुपिया आदमी से निकलकर
आम आदमी में बड़ा है
नीयत में कुछ सड़ा है
जिसका सनसनी फैलाना ही
एक मात्र हथकड़ा है
हवा चुप है
संदेह के कटघरे खड़े है
सवाल के ऊपर सवाल
प्रश्नचिन्ह भरे रास्ते
जहाँ हर जबाब टूटता है
आदमी आदमी को लूटता है
किसी का खून कोई चूसता है
फिर भी आदमी को आदमी से उम्मीद है
विश्वास के दायरे संदिग्ध है
आम आदमी के हाथ का कीचड़
खास आदमी के मुँह पर पर छीटता है
एक उम्मीद उलीचता है
दृस्टि दिशाहीन है
चेहरे बहुत रंगीन है
मामले भी संगीन हैं
पश्चिम पर अंगुली उठाते
वह पूरब खड़ा था
आज पूरब पर अंगुली उठाते
वह पश्चिम खड़ा है
यह बहुरुपिया आदमी से निकलकर
आम आदमी में बड़ा है
नीयत में कुछ सड़ा है
जिसका सनसनी फैलाना ही
एक मात्र हथकड़ा है
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