Saturday, 12 December 2015

कुछ सबूत में ,कुछ गवाह में
कुछ वकील की दलील में खो गया
और न्याय हो गया
कुछ तथ्य है कुछ कानून है
कुछ अजीब प्रक्रिया है
कुछ लिया है कुछ दिया है
बहुत कुछ किया है
कितनो को मार कर
वह आदमी जिया है
यहाँ न्याय कितना त्वरित है
सुबह सजा शाम को जमानत रचित है
संदेह के लाभ  में निर्णय  विरचित है
यह संदेह क्या है ?
सफ़ेद चादर पर एक काली बिंदी है
न अंग्रेजी है न हिंदी है
न साफ़ है न गन्दी है
सबूत और गवाह की जुगलबंदी है
मजबूत जंजीर की एक कमजोर कड़ी है
जहाँ इशारों में ही निगाहें लड़ी हैं
लाश पर लेटी  फूलझड़ी है
जिसपर हीरा मोती जड़ी है
चांदनी की चमक में संदेह हो गया
और न्याय हो गया
अनिल कुमार शर्मा
12/12/2015


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