Friday, 23 May 2014

बाहुबली

एक बाहुबली है
सुबह  मंदिर में घंटा बजाता है
देर शाम चकले में जाता है
दिन में पवित्र प्रसाद से लेकर
मदमदाते शराब में मस्त रहता है
भीरु जनता में ब्यस्त रहता है
माथे पर चन्दन टीका रोली है
जनेऊ में पिस्तौल और गोली है
उसके आलीशान महल में
शिव के  त्रिशूल  और गणेश के सूंड में
कारबाईन और राइफल टँगी है
तिजोरी के ऊपर राधाऔर त्रिभंगी  है
रामायण के ऊपर छूरा रखा है
हिंसा ने अहिंसा को चखा है
गाँधी की तस्वीर आईने में रखा है
बनियों से रंगदारी टैक्स लेता है
ठेकेदारों से जजिया और चौथ लेता है
सांसद और बिधायक को धौंस देता है
अफसरों को रौंद देता है
यही उसकी करतूत है
जनता अभिभूत है
उसके पास बुलेट प्रूफ गाड़ी है
कुर्ता , पायजामा ,सलवार और साड़ी है
टोपी और खड़ाऊ है
 बेलबूटा और जड़ाऊ है
चैरिटेबल ट्रस्ट और स्कूल है
एन जी ओ ,जिम ,स्वीमिंगपूल है
मंदिर ,मस्जिद ,गिरजे का आना -जाना है
उसके पास बड़ा कसाई खाना है
हर जगह से नोट बरसते है
उसकी कृपा कटाक्ष को सभी तरसते है
कानून व्यवस्था सब कुछ वही है
सबसे बली बाहुबली है
अनिल कुमार शर्मा         २३ /०५ /२०१४







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