बाहुबली
एक बाहुबली है
सुबह मंदिर में घंटा बजाता है
देर शाम चकले में जाता है
दिन में पवित्र प्रसाद से लेकर
मदमदाते शराब में मस्त रहता है
भीरु जनता में ब्यस्त रहता है
माथे पर चन्दन टीका रोली है
जनेऊ में पिस्तौल और गोली है
उसके आलीशान महल में
शिव के त्रिशूल और गणेश के सूंड में
कारबाईन और राइफल टँगी है
तिजोरी के ऊपर राधाऔर त्रिभंगी है
रामायण के ऊपर छूरा रखा है
हिंसा ने अहिंसा को चखा है
गाँधी की तस्वीर आईने में रखा है
बनियों से रंगदारी टैक्स लेता है
ठेकेदारों से जजिया और चौथ लेता है
सांसद और बिधायक को धौंस देता है
अफसरों को रौंद देता है
यही उसकी करतूत है
जनता अभिभूत है
उसके पास बुलेट प्रूफ गाड़ी है
कुर्ता , पायजामा ,सलवार और साड़ी है
टोपी और खड़ाऊ है
बेलबूटा और जड़ाऊ है
चैरिटेबल ट्रस्ट और स्कूल है
एन जी ओ ,जिम ,स्वीमिंगपूल है
मंदिर ,मस्जिद ,गिरजे का आना -जाना है
उसके पास बड़ा कसाई खाना है
हर जगह से नोट बरसते है
उसकी कृपा कटाक्ष को सभी तरसते है
कानून व्यवस्था सब कुछ वही है
सबसे बली बाहुबली है
अनिल कुमार शर्मा २३ /०५ /२०१४
एक बाहुबली है
सुबह मंदिर में घंटा बजाता है
देर शाम चकले में जाता है
दिन में पवित्र प्रसाद से लेकर
मदमदाते शराब में मस्त रहता है
भीरु जनता में ब्यस्त रहता है
माथे पर चन्दन टीका रोली है
जनेऊ में पिस्तौल और गोली है
उसके आलीशान महल में
शिव के त्रिशूल और गणेश के सूंड में
कारबाईन और राइफल टँगी है
तिजोरी के ऊपर राधाऔर त्रिभंगी है
रामायण के ऊपर छूरा रखा है
हिंसा ने अहिंसा को चखा है
गाँधी की तस्वीर आईने में रखा है
बनियों से रंगदारी टैक्स लेता है
ठेकेदारों से जजिया और चौथ लेता है
सांसद और बिधायक को धौंस देता है
अफसरों को रौंद देता है
यही उसकी करतूत है
जनता अभिभूत है
उसके पास बुलेट प्रूफ गाड़ी है
कुर्ता , पायजामा ,सलवार और साड़ी है
टोपी और खड़ाऊ है
बेलबूटा और जड़ाऊ है
चैरिटेबल ट्रस्ट और स्कूल है
एन जी ओ ,जिम ,स्वीमिंगपूल है
मंदिर ,मस्जिद ,गिरजे का आना -जाना है
उसके पास बड़ा कसाई खाना है
हर जगह से नोट बरसते है
उसकी कृपा कटाक्ष को सभी तरसते है
कानून व्यवस्था सब कुछ वही है
सबसे बली बाहुबली है
अनिल कुमार शर्मा २३ /०५ /२०१४
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