यह हिंदी मुझसे बात करती है
जैसे सास और ननद मिलकर
नयी बहू से घात करती है
बहू की सुरीली गीत
नयी नवेली प्रीत
पिया मिलन की रात
नयी तरह की बात
हिंदी सास ननद को खटकती है
मंच पर माथा पटकती है
रिश्तों की डोरी चटकती है
कविता की मंडी में मंदी है
तमाम तरह की गोलबंदी है
फिर भी कुछ जुगलबंदी है
एक बूढ़ा अपनी हड्डी बजाता है
कुसुमित कपोलों पर कंकाल घुमाता है
समय खायी जीभ मोहर है
हिंदीवाला गाता सोहर है
बहू की निकलती आह है
यह कैसी सौतिया डाह है
अनिल कुमार शर्मा
04/11/1972
जैसे सास और ननद मिलकर
नयी बहू से घात करती है
बहू की सुरीली गीत
नयी नवेली प्रीत
पिया मिलन की रात
नयी तरह की बात
हिंदी सास ननद को खटकती है
मंच पर माथा पटकती है
रिश्तों की डोरी चटकती है
कविता की मंडी में मंदी है
तमाम तरह की गोलबंदी है
फिर भी कुछ जुगलबंदी है
एक बूढ़ा अपनी हड्डी बजाता है
कुसुमित कपोलों पर कंकाल घुमाता है
समय खायी जीभ मोहर है
हिंदीवाला गाता सोहर है
बहू की निकलती आह है
यह कैसी सौतिया डाह है
अनिल कुमार शर्मा
04/11/1972
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