यह अजीब प्रयत्न है
मेरा देश भारत है
और उसमे भारत रत्न है
कुछ मुर्दे है कुछ जिन्दे है
कुछ चोंच वाले है
कुछ पर कटे परिंदे है
अब हताश जिंदगी के उदास सवाल
कब्र सजाकर अभिभूत है
सत्ता के सन्दर्भ में
वर्तमान में कुछ भूत है
भविष्य का सबूत है
मृतप्राय वर्तमान के जीवंत अतीत
प्रतिमान के प्रश्न में
मूल्यबोध का रूपांतरण
संदिग्ध आयाम के उत्तर में
एक अनरवत प्रश्न गढ़ रहा है
जिसे बदलते समय के साथ
बदलता समय पढ़ रहा है
अनिल कुमार शर्मा 26/12/2014
मेरा देश भारत है
और उसमे भारत रत्न है
कुछ मुर्दे है कुछ जिन्दे है
कुछ चोंच वाले है
कुछ पर कटे परिंदे है
अब हताश जिंदगी के उदास सवाल
कब्र सजाकर अभिभूत है
सत्ता के सन्दर्भ में
वर्तमान में कुछ भूत है
भविष्य का सबूत है
मृतप्राय वर्तमान के जीवंत अतीत
प्रतिमान के प्रश्न में
मूल्यबोध का रूपांतरण
संदिग्ध आयाम के उत्तर में
एक अनरवत प्रश्न गढ़ रहा है
जिसे बदलते समय के साथ
बदलता समय पढ़ रहा है
अनिल कुमार शर्मा 26/12/2014
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