वो तो देश के लिए जान देते है
और देश के लिए जान लेते है
ये तो देश के जांबाज बेटे हैं
देश के कोने से कोई पूछता है
लिए गए और दिए गए
जानों की गिनती
तो गज़ब का देशद्रोह है
देश के भीतर कोई खोह है
जिससे देश वालों को खतरा है
कितना अविश्वास पसरा है ?
घोसले में से निकलकर परिंदा
ठूँठ पर बैठा है
किसी विरासत पर ऐंठा है
अब तो ख़बरों में बजती हुई तालियां
गिनी जाती है
गरीबो की थालियां छीनी जाती है
अब जनता अशक्त है
क्योकि देश में स्वघोषित
देशभक्त हैं ।
अनिल कुमार शर्मा
१०/१०/२०१६
गिनी जाती है
गरीबो की थालियां छीनी जाती है
अब जनता अशक्त है
क्योकि देश में स्वघोषित
देशभक्त हैं ।
अनिल कुमार शर्मा
१०/१०/२०१६